मित्रो अगर आप किसी परीक्षा की तैयारी कर रहे हो तो यह आर्टिकल आपके लिए बहुत मददगार साबित हो सकता है क्योंकि आज हम बात करेंगे वायुमंडल के बारे में इस पोस्ट में हम जानेंगे कि वायुमंडल क्या है,

वायुमंडल में कौन कौन सी गैसे पाई जाती है, वायुमंडल की परतें और इसके साथ वायुमंडल से जुड़ी अन्य जानकारी आपको दी जाएगी। वायुमंडल के बारे में विस्तार से जानने के लिए पहले हम को यह समझना होगा कि वायुमंडल किसे कहते हैं।

वायुमंडल किसे कहते हैं?


पृथ्वी के चारो और फैले धूलकण एवं जलवाष्प के मिश्रण से विस्कसित गैसीय आवरण को वायुमंडल कहा जाता है। इसमें बहुत सी गैसों का मिश्रण पाया जाता है।
वायुमंडल कहा तक फैला हुआ है इसका कोई सबूत नही है लेकिन यह निश्चित है कि यह पृत्वी के चारों तरफ कई मीलों तक फैला हुआ है।

वायुमंडल में पाई जाने वाली गैसें


वायुमंडल बहुत गैसों का एक समूह है इस मे विभिन प्रकार की गैसे होती है सभी गैसें अलग अलग मात्रा में उपस्थित है। इसमें मुख्यत रूप से सबसे ज्यादा मात्रा में पाई जाने वाली गैस नाईट्रोजन (Nitrogen) है जो 78.08% की मात्रा में उपलब्ध है यह गैस पौधों और जीवों के विकास के लिए काफी महत्वपूर्ण है

इसके बाद ज्यादा मात्र में ऑक्सिजन(oxygen) गैस पाई जाती है जिसकी मात्रा 20.94% है यह गैस मानव जाति के जीवित रहने के लिए बहुत जरूरी है।
इसके साथ ही और भी कई गैसें पाई जाती है जिनमे से दस महत्वपूर्ण भूमिका रखने वाली गैसों की सूची नीचे दिए अनुसार है:

वायुमण्डल

  1. नाइट्रोजन = 78.09
  2. ऑक्सीजन = 20.99
  3. आर्गन = 0.93
  4. कार्बन डाईऑक्साइड = 0.03
  5. हाइड्रोजन = 0.01
  6. नियोन = 0.0018
  7. हीलियम = 0.0005
  8. क्रिप्टान = 0.0001
  9. जेनान = 0.000005
  10. ओजोन = 0.0000001


गैसों की परिभाषा


नाइट्रोजन:
  • नाइट्रोजन गैस का रसायनक सूत्र 'N' है।
  • यह गैस रंगहीन, गंधहीन और स्वादहीन है।
  • इस गैस की खोज 1773 में स्कॉटलैंड के विज्ञानिक 'डेनियल रदरफोर्ड' ने की थी।
  • ऐरोप्लेन के टायर में यह गैस भरी जाती है।
  • यह नाइट्रिक ऑक्साइड के रूप में अमल वर्षा में उत्तरदायी है।
ऑक्सीजन:
  • किसी भी वस्तु के जलने में सबसे महत्वपूर्ण घटक ऑक्सीजन है।
  • "एंटोनी लयवासिर" ने इसका नामकरण किया था।
  • ओक्सिजन का रसायनिक सूत्र "O2" है।
कार्बन डाइऑक्साइड:
  • इस गैस का रसायनिक नाम "CO2" है।
  • यह गैस पौदों को जीवित रखने में सहायक है।
  • यह गैस ग्लोबल वार्मिंग में भी शामिल है।


ऑर्गन:
  • इस गैस की खोज 1894 में " रैमजे और रेले" ने की थी।
  • इस गैस को वेल्डिंग के लिए उपयोग किया जाता है।

वायुमंडल की परतें


वायुमंडल सरंचना
वायुमंडल की परतें


वायुमंडल को पांच परतों में बताया गया है। जिनके नाम शोभमंडल, समतापमंडल, मध्य मंडल, आयनमंडल, बाह्य मंडल इस प्रकार है।


शोभमंडल:
शोभमंडल को संवहन मंडल के नाम से भी जाना जाता है। यह वायुमंडल की सबसे निचली पर्त है जो भूमध्य रेखा से 18KM की उचाई पर स्तिथ है। इस का घनत्व सबसे ज्यादा होता है।

वायुमण्डली घटनाएं इसी पर्त में होती है जैसे बादलों का गर्जना, बिजली का चमकना, बारिश का होना। ग्रीन हाउस प्रभाव की वजह से यह परत बाकी सब परतों से अधिक गर्म होती है। ग्रीष्म ऋतु में इसकी उचाई में बदलाव होता है और यह बढ़ जाती है।


समतापमंडल:
शोभमंडल से 50 km की उचाई पर समतापमंडल की पर्त रहती है। इस मे ताप समान होता है क्योंकि जैसे जैसे हम ऊपर की और जाते हैं तापमान में समानता होने लगती है।

इसमें किसी प्रकार की मौसमी घटनाएं नही होती। इस परत में ही हवाई जहाज चलते हैं। अजोन लेयर इस परत से ही होकर गुजरती है इस लिए इसके 10 km ऊपर के स्थान को अजोन मंडल के नाम से जाना जाता है। 


मध्य मंडल:
समतापमंडल से  ऊपर 50km से 80km तक कि परत को मध्य मंडल के नाम से जाना जाता है। अंतरिक्ष से पृत्वी की तरफ आने वाले उल्कापिंड को यह लेयर खत्म कर देती हैं।


अयानमंडल:
80km से 640km तक के स्थान को आयनमंडल के नाम से जाना जाता है। इस में रेडियो तरंगे परिवर्तित होती है। सैटेलाइट इसी परत में उपस्थित रहती है।


बहामंडल:
640km का ऊपरी एरिया बहामंडल कहलाता है। इस मे सभी गैसों की अलग अलग परते मजूद रहती हैं।


तो दोस्तों अब आप वायुमंडल के बारे में सभी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त कर चुके हो। हम उम्मीद करते हैं कि आपको यह जानकारी पसंद आई होगी। अगर इस पोस्ट से सबंधित आपका कोई सवाल या सुझाव है तो कमेन्ट कर हम को जरूर बताएं।